विचारमाला

वही व्यक्ति
ह्रदय से
सम्मान का पात्र
या सम्मान
पाने योग्य है
जिसका
आचरण, कार्य, ज्ञान,व्यवहार उच्च का हो
जो
आपको भी
उच्चता की ओर ले जाने वाला हो
नाकि केवल
रिश्तें, उम्र, पद,और धन
से बड़े लोग…
                         नीलकिरण✍️

विचारमाला

लोग क्या कहेंगे
अक्सर कह कर
डराने वाले लोग
स्वयं “लोग क्या कहेंगे”
की परवाह नही करते
उनकी कथनी और करनी
में अक्सर भेद पाया जाता है
                      नीलकिरण ✍️

भाव

शब्द कितने ही
निशब्द हो गए
भाव निश्चल
प्रेम घारा से पोषित
वंचित लेखनी के संयोग से
यथार्थ के शुष्क
घरातल पर
विलीन हो
मस्तिष्क पटल पर ही
शून्य  हो गए …..
                    नीलकिरण✍️

समर्पण 🌹

ज्ञानयोग

कर्मयोग

भक्तियोग

की उच्चतम पराकाष्ठा

क्या ये नहीं

जहाँ पहुँच कर

मोक्ष की कामना भी

विलीन हो जाए…

                  नीलकिरण ✍️

ज़िंदगी के पन्ने

ज़िंदगी की किताब  के पन्ने
कुछ अनछुए
कुछ अधखुले
कुछ कड़वे
कुछ  मीठे
कुछ बिन समझे पल्टें
कुछ समझ कर पल्टें
कुछ अनकहे
कुछ कहे
कुछ अनचाहे
कुछ चाहे
कुछ अनजाने
कुछ पहचाने
कुछ उलझे
कुछ सुलझे
वक्त की कलम से लिखे
वक्त की स्यायी से रंगे
वक्त के हाथों से मिटे ……
                         अनिता शर्मा✍️

विचारमाला

लोभ, मोह,पाखंड, ईर्ष्या व द्वेष रूपी विकारों से युक्त लोगो
से एकतरफा रिश्ता निभाना ऐसा है जैसे किसी मृत शरीर को मोह वश होकर अपने कंधों पर ढोना ,
एक समय पर शरीर से निकलती दुर्गंध और उसका भार आपको उससे मुक्त होने के लिए विवश कर ही देता है,
इसी तरह एक समय के बाद आपकी अन्तरात्मा भी आपको ऐसे रिश्तों के भार से मुक्त होने के लिए  विवश कर देती है ।

                             अनिता शर्मा✍️

ज्वाला माँ की आरती

जय – जय ज्योति ज्वाला ,माँ जय जय ज्योति ज्वाला  ।
सब शक्ति रूपों में मैया यह रूप निराला तेरा ।।
जय- जय ज्योति ज्वाला …..
अगम अगोचर महिमा माँ तेरी शक्ति रूप विशाला  ।
भक्तों को माँ स्वयं संभाले देकर वर कृपाला ।।
जय जय ज्योति ज्वाला…..
तू ही काली, तू ही दुर्गा, तू ही जयंती, तू ही मंगला ।
सब शाक्ति रूपों में प्यारा ,मैया रुप ये तेरा।।
जय जय ज्योति ज्वाला …..
तू सूरज में तू चंदा में,तू अग्नि में,तू तारों में ।
चारों ओर माँ तेरा स्वरूप है, जो दीपक में उजाला ।।
जय जय ज्योति ज्वाला …
हम सब तेरे बालक है माँ,शरण लगा लो ज्वाला ।
ऐसे प्यार के बंधन दो माँ,  जैसे गले की माला ।।
माँ जय जय ज्योति ज्वाला……….

अनिता शर्मा ✍️

बेटियाँ

चिड़िया सी चहकती
  फूलों सी महकती
घर के आगंन की
रौनक होती है बेटियाँ….

पिता का गर्व
बेटे से ज्यादा नहीं तो
कम भी नहीं
लाड़ली होती है बेटियाँ….

बचपन के खेल खिलौने में
भाई का बेहद प्यारा
हँसता,खेलता,रोता सजीव
खिलौना होती है बेटियाँ….

माँ के दिल का हिस्सा
कुछ टूटे, बिखरे
आधे ,अधूरे सपने के सच होने की उम्मीद होती है बेटियाँ….

परीयों सी प्यारी
कभी माँ बन ममता देने
कभी माँ की ममता पाने की
चाहत होती है बेटियाँ ….

सखी सी बन माँ की सजाती- संवारती
समझती, समझाती, झगड़ती मनाती
  जीवन की धूप में
छांव सी होती हैं बेटियाँ….

⚘️घर में जिनके ऐसी प्यारी
बेटियाँ है वो सच में सबसे
सबसे भाग्यशाली है⚘️
                         अनिता शर्मा ✍️

चैत्र नवरात्रा व नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें

जो सुख परम गति से विचलित करे
वो सुख न ही हो
संकल्प एक मुक्ति का ही हो
बाकि कोइ बीज शेष ना हो
सोचा हुआ
सब प्रभु का
घटित होता
जीवन में सशंय ना हो
जीवन के विक्षेप हटे सभी
हर क्षण, हर दिन, हर महीना,
हर वर्ष शुभ हो….

मेरी आत्मीय बहन
तनु✍️

विचारमाला

जीवन रूपी शतरंज की बिसात में माहिर खिलाड़ी अक्सर कमजोर   (भावनात्मक रूप से ) प्यादों  को अपनी तम्मनाओं को अंजाम तक पहुँचाने के
के लिए बखुबी इस्तेमाल करने का गजब का हुनर रखते है….
                           अनिता शर्मा✍️