कैसे छिपा कर
सबके सामने
अपनो से उनके प्रिय को
छीन ले जाता है
अगम्य पथ पर कौन
हम सभी चल रहें
बढ रहे बेखबर से
हर पल हर क्षण
और पास और पास
अगम्य पथ की और ।
अनिता
कैसे छिपा कर
सबके सामने
अपनो से उनके प्रिय को
छीन ले जाता है
अगम्य पथ पर कौन
हम सभी चल रहें
बढ रहे बेखबर से
हर पल हर क्षण
और पास और पास
अगम्य पथ की और ।
अनिता