माँ 🙏🏻
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मातेश्वरी तू धन्य हैं, मातेश्वरी तू धन्य है।
कहता कोई सीता तुझें,कहता कोई तू शक्ति है,
कहता कोई तू है प्रकृति,कहता कोई आसक्ति है,
कहता कोई राधा तुझें,कहता कोई अनुरक्ति है
तू सर्वरूपा प्रेमियों के प्राणधन की भक्ति है,
तेरे अमित उपकार के आनंद अनुभव जन्य है,
मातेश्वरी तू धन्य है मातेश्वरी तू धन्य है।
तू कुटिल कली दल के लिए कुलिश मूर्ति करालिका,
हरि हर विमुख नर के लिए कृत्या तू ही है कालिका ,
तू वैष्णवी है वैष्णवों के कंठ तुलसी मालिका,
तू प्रभु पदाश्रित जीव की प्रत्येक पल पल पालिका,
तू ब्रह्म जीव मिलाप की सदग्रंथ सुदृढ़ अनन्य है,
मातेश्वरी तू धन्य है मातेश्वरी तू धन्य है ।
तू कर्म योगी के लिए सत्कीर्ति की परम ललाम,
तू ज्ञानीयों की अटल श्रद्धा मानसिक विश्राम है,
तू ध्यानीयों की शक्ति पूर्ण समाधि है सुखधाम है,
तू दामिनी से ही सुशोभित बिंदुमय घनश्याम है,
तेरा उपासक जो नहीं वो जीव कृतध्न है,
मातेश्वरी तू धन्य है मातेश्वरी तू धन्य है ।
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लेखक–अज्ञात