उम्र अपने निशान छोड़ जाती हैं
लोगों व चेहरो को जाती बदलती
सफर जीवन का
कड़वे, खट्टे, मीठे पलों को जीते हुए
संधर्ष ,भागदौड़ व आरामदायक पगडंडियो से गुजर
मंजिल पे हैं आज
बैठो,देखों आज
सच ही तो कहते हैं लोग
जीवन स्वप्न सा हैं
स्वप्न सा बीता कल
झूठा सा लगता है
संधर्ष पर विजय अकल्पनीय लगती है
वर्तमान ही सच्चा सा लगता है
मीठे है पल आज
समय निशान अपने छोड
पंख पे बिठा लाया यहाँ
फूलों से सुवासित बगिया जीवन की
सफर की सुंदर हैं मंजिल
खुशियों से भरे दृश्य है आज
पल मैं बदलता जीवन हैं
जी भर जी ले इन पलों को
नैनो में बसा ले दृश्य स्वर्णिम ये

🥳😊खुशियों से भरे यह पल
माँ-पापा के जीवन में सदा रहे
माँ जगतजननी व जगतपिता
आपको निरोग व प्रसन्न रखें
प्रेम व साथ आपका
शिव -पार्वती सा बना रहें
हम बच्चों पर आपकी छाँव
स्नेह व आशीर्वाद सदा रहे ।🙏🏼

🌷आज के मंगलमय दिन पर हम सभी बच्चों की ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ 🌷
🙏🏼😊