सुना है, पढ़ा है, जाना है, देखा है ,
यह सत्य है ।
अच्छे व सच्चे लोग इस दुनिया में
सामना है करते अधिक दुःख व परेशानियों का
मनुष्य है हम तो धरा पर
मनुष्य रूप में स्वंम ईश्वर भी
सहते दुःख व परेशानियाँ अनेक।
सुना है, पढ़ा है जाना है, देखा है,
यह सत्य है ।
ईश्वर सदा अपने प्रिय बच्चों को
संधर्ष व प्रतिकूल परिस्थितियों में डाल ले परीक्षा
उनके व्यक्तित्व को उसी भाँति निखारते हैं
जैसे सोना आग में जितना तपता है
उतना ही निखरता जाता है ।
सुना है, पढ़ा है, जाना है, देखा है,
यह सत्य है ।
कभी-कभी आपके ही बेहद प्रिय व्यक्ति को
दुःख व परेशानी देने का कारण बना
जटिल परीक्षा भी है लेते
माया समझे जो मायापति की विचलित ना हो पल भर
स्थिर बुद्धि रख वो भी है खेलें खेल मायापति संग ।
सुना है, पढ़ा है, जाना है ,देखा है,
यह सत्य है ।
जीवन में सुख व प्रसन्नता आने से पूर्व
दुःख व परेशानियाँ ओर अधिक बढ जाते है
सुबह उजाला होने से कुछ समय पूर्व
रात्रि का अंधकार ओर गहन हो है जाता
जीवन में फिर सुख व प्रसन्नता का सूर्य है आता ।
सुना है, पढ़ा है, जाना है, देखा है,
यह सत्य है,
हाँ
यह सत्य है ।
-अनिता शर्मा