हम सब तेरे बालक हैं माँ
हमको शरण लगा लेना
हमको शरण लगा लेना माँ
तव चरणों में जगह देना
हम सब——–
कलि काल का असुर धनेरा है
माँ चारों तरफ अंधेरा है
हमको ज्योति दिखला देना
माँ हमको राह बता देना
हम सब————
संसार समुद्र गहरा है माँ
नहीं यहाँ कोई रहवर है
पग पग फैले है भंवर
हमको भंवरों से बचा लेना
हम सब———-
तुम विशवेशवरी हो माता
जगदम्बा तुम ही कहाती हो
कष्टों में घिरे जो बालक तेरे
तु उनके कष्ट मिटा देना
हम सब————
दो हमको आशीष हे माँ
सदा तव चरणों में ध्यान रहे
यावत रहें सूर्य चन्द यहाँ
इस संसार में तेरा गुण गान रहे
हम सब तेरे बालक है माँ
हमको शरण लगा लेना
हमको शरण लगा लेना माँ
तव चरणों में जगह देना ।

अनिता शर्मा ✍