आजा री निंदिया, आजा री निंदिया,
मेरी गुड़िया की आँखियो में,
आजा री निंदिया,आजा री निंदिया,
मेरी बिटिया की अँखियों में,
मेरी सोना की अँखियों में ।

निंदिया रानी आ के मेरी सोना को,
परियों के देश में ले जा,
परिया झूला- झूलाये जहाँ ,
ममता की छाँव दे वो अपनी ।

आजा री निंदिया ————-

निंदिया रानी आ के मेरी गुड़िया को,
चंदा मामा के घर ले जा,
चंदा, तारों संग मेरी बिटिया,
आँख मिचोली खेले वहाँ ।

आजा री निंदिया———–

निंदिया रानी आ के मेरी सोना को,
ऐसे जहान में ले जा ,
फूल ही फूल हो जहाँ ,
कांटे गम के ना हो वहाँ ।

आजा री निंदिया  —————-

निंदिया रानी सुबह सवेरे को,
मेरी बिटिया को मम्मा, पास से ले आना,
ठुमक-ठुमक कर गुड़िया मेरी,
मम्मा की गोद आ जायेगी ।

आजा री निंदिया, आजा री निंदिया ,
मेरी गुड़िया की अँखियों में,
मेरी सोना की अँखियों में,
मेरी बिटिया की अँखियों में ।
                                 अनिता शर्मा ✍