नकारात्मक विचारों से दूरी बनाये रखना ।
नकारात्मक विचारों से तन व मन को
बीमार ना बनाना ।
सकारात्मक विचारों को स्वयं व दूसरों में
सदा भरते रहना।
समय जिन नियमों की पालना की आवश्यकता दर्शा रहा है, उनका कड़ाई से
पालना करना ।
दु:ख व निराशा के पलों में भी बुद्धि को स्थिर रख नियमों की पालना करना क्यों कि
यह आपके लिए ही नहीं, बल्कि आपके
परिवार व समाज के लिए अति आवश्यक हैं ।
हँसना व हँसाते रहना ।
मानसिक ध्यान व योगाभ्यास करना ।
स्वादिष्ट व स्वास्थ्यवर्धक भोजन भर पेट
करना ।
भरपूर मात्रा में निश्चित होकर सोना, दूसरे
शब्दों में गधे -घोड़े बेच कर सोना ।
यही इस समय की ओषधियाँ है जो हमें
प्रतिदिन लेते रहना हैं ।
अनिता शर्मा ✍