सामर्थ्य लेखनी का आओ फिर से दिखलाये ,
 भारत ओर भारतीयता पर गर्व हैं, कराये ,
भारत ओर भारतीयता का मान हैं, बढ़ाये ,
 इंडिया को फिर से भारत हैं, बनायें ,
 राम-कृष्ण की भूमि को स्वर्ग सा सुन्दर हैं, बनायें ।

   सामर्थ्य लेखनी का——

याद करो लेखनी का सामर्थ्य ,
देश भक्ति की ऐसी अलख जगाई थी ,
क्रांतिकारी विचारों से स्वतंत्रता संग्राम में ,
जन -जन में चेतना भर दी थी ,
केसरिया बाना पहन कर ,
स्वतंत्र देश को करवाने ,
घर-घर से आजादी के मतवाले निकल पड़े थे,
कितने ही देश भक्त शहीद हुए ,
भारत माता का नाम लिए ,
स्वतंत्रता दिला देश को ,
भविष्य सुरक्षित हमारा कर गयें ।

सामर्थ्य लेखनी का——-

शिक्षा जो भटक रही हैं ,
अँधियारे गलियारों में ,
पैसा कमाने और  सिर्फ कमाना सिखाने ,
के लिये लिये दी जा रही शिक्षा में ,
नैतिकता,आदर्शों ,मानवीय मूल्यों व स्वालंबन का पाठ ,
फिर से सिखलाये जाये ,
शिक्षकों को प्रेरित  कर ,   
शिक्षक से पुनः गुरू बनाया जाये ,
वेदों में रचा जो भारत है, उसे फिर बसाये ,
नव पीढ़ी और भारत का ,
भविष्य सुरक्षित कर पायें ।

सामर्थ्य लेखनी का ———-

पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण से ,
बिखर रही हैं संस्कृति हमारी ,
पहले संयुक्त परिवार टूट गये ,
अब परिवार भी टूट रहे ,
पति-पत्नी का भी संग रहना ,
मुश्किल अब हैं हो रहा ,
संकट में हैं सुरक्षा भावी पीढ़ी की ,
प्यार की नई परिभाषा गढ़ते

लिव इन रिलेशनशिप को,
अपना आदर्श मान रही नव पीढ़ी को ,
संस्कारों व परम्पराओं के ,
महत्त्व का ज्ञान करवायें ।

सामर्थ्य लेखनी का———

                            अनिता शर्मा ✍