रूद्र हमारा सबसे प्यारा ,
सबका हैं वो राजदुलारा ,
सबके मन को मोह वो लेता ,
रोनक हैं वो घर की हमारे ।
नाम हैं उनके कितने न्यारे ,
दादी कहती लडु गोपाल ,
बाबा कहते प्यारा बिट्टू ,
नाना-नानी कहते हीरो,
मम्मी का वो चीकू बेबी ,
पापा का वो राजा बेटा ,
भैया का वो छोटू प्यारा ,
बड़ी बुआ का प्यारा डोरेमोन ,
छोटी बुआ का रबड़ का गुड्डू ,
भाई- बहन का सुंदर खिलौना ।
दोस्त हैं बाबा का वो नन्ना ,
खेल खिलाये न्यारे-न्यारे ,
करतब दिखलाये प्यारे-प्यारे ,
बड़ों सा रखें ध्यान बाबा का ,
सेवा करता खूब हैं उनकी ,
रूद्र जब रूद्र रूप में आते ,
दादी पापा करते मनुहार ,
घूमे आगे-पीछे उनके ,
बाबा से कुछ बात हैं बनती ,
समझ कुछ वो जाते ,
सुर बिगड़े ज़्यादा हैं तब ,
मम्मी की फिर आती बारी
देखे मम्मी को जब आते ,
बदले सुर पल में हैं उनके ,
झट-पट कान्हा रूप में आते ।
कोरोना काल में उनके नन्हें कंधों ने ,
उठाई जिम्मेदारी हैं बडी ,
पापा-मम्मी ,
दादा-दादी ,
सबको वो समझाते जी ,
कभी हिदायतें देते ,
कभी गुस्सा दिखाकर ,
प्यार जताते अपना जी ।
रूद्र हमारा सबसे प्यारा ,
सबका हैं वो राजदुलारा ,
सबके मन को मोह वो लेता ,
रोनक हैं वो घर की हमारे ।
अनिता शर्मा ✍