जिन्दगीं की किताब के
हर पन्ने पर
मैंने “तुम” लिखा हैं
गर फुर्सत दे वक्त
तुम देख लेना
खाली मिलें गर
किसी पन्ने का कोई कोना
तुम “मैं” लिख देना ।
अनिता शर्मा ✍
जिन्दगीं की किताब के
हर पन्ने पर
मैंने “तुम” लिखा हैं
गर फुर्सत दे वक्त
तुम देख लेना
खाली मिलें गर
किसी पन्ने का कोई कोना
तुम “मैं” लिख देना ।
अनिता शर्मा ✍