किसी एक व्यक्ति की बात सुनकर दूसरे व्यक्ति को आत्मग्लानि महसूस करवाने से पूर्व एक बार कहने वाले के मानसिक स्तर और उसके जीवन में कथनी और करनी के स्तर का आत्मबोघ अवश्य कर ले , यह आपको ओर दूसरे व्यक्ति को अनावश्यक तनाव से बचा कर आपके जीवन को कई उलझनों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगा ।
अनिता शर्मा 🖊