मेरी ही
कामना से रचा
मुझमें ही समाया
माया से बंधा
लुप्त ज्ञान
हर्ष-शोक से भ्रमित
भंग मोह
लुप्त संसार ।
अनिता शर्मा 🖊
मेरी ही
कामना से रचा
मुझमें ही समाया
माया से बंधा
लुप्त ज्ञान
हर्ष-शोक से भ्रमित
भंग मोह
लुप्त संसार ।
अनिता शर्मा 🖊