मेहनत से अर्जित रूपयों-पैसे का लेन-देन बहुत सोच समझकर किया जाता है ताकि हमें हानि ना उठानी पडे ,उसी प्रकार अपने समय,भावनाओं, विश्वास व प्रेम का समर्पण भी रिश्तों में मोह को परे रख, समझ कर किया जाए तो हम अपने आपको टूटने से बचा सकते है……
                           अनिता शर्मा ✍️