जय – जय ज्योति ज्वाला ,माँ जय जय ज्योति ज्वाला  ।
सब शक्ति रूपों में मैया यह रूप निराला तेरा ।।
जय- जय ज्योति ज्वाला …..
अगम अगोचर महिमा माँ तेरी शक्ति रूप विशाला  ।
भक्तों को माँ स्वयं संभाले देकर वर कृपाला ।।
जय जय ज्योति ज्वाला…..
तू ही काली, तू ही दुर्गा, तू ही जयंती, तू ही मंगला ।
सब शाक्ति रूपों में प्यारा ,मैया रुप ये तेरा।।
जय जय ज्योति ज्वाला …..
तू सूरज में तू चंदा में,तू अग्नि में,तू तारों में ।
चारों ओर माँ तेरा स्वरूप है, जो दीपक में उजाला ।।
जय जय ज्योति ज्वाला …
हम सब तेरे बालक है माँ,शरण लगा लो ज्वाला ।
ऐसे प्यार के बंधन दो माँ,  जैसे गले की माला ।।
माँ जय जय ज्योति ज्वाला……….

अनिता शर्मा ✍️