ज्ञानयोग कर्मयोग भक्तियोग की उच्चतम पराकाष्ठा क्या ये नहीं जहाँ पहुँच कर मोक्ष की कामना भी विलीन हो जाए… नीलकिरण ✍️ इसे शेयर करे: Share on WhatsApp (नए विंडो में खुलता है) WhatsApp Share on Tumblr (नए विंडो में खुलता है) Tumblr Share on Pinterest (नए विंडो में खुलता है) Pinterest पसंद करें लोड हो रहा है...