ख्वाहिश

ख्वाहिशे सब जिंदगी में
पूरी होती किस की है
कुछ सितारों के
    हाथ होती है तो
कुछ दुनिया वालों
के हाथ
आओ आज
जो ना मिला
पास नहीं जो
गम भूला दे
कुछ पल मिले है जो
उस की
खुशियाँ बाँट ले
छोटी सी है जिंदगी
कल मैं ना रहूँ—
या तुम —
यादों के कुछ मीठे पल
संग आज गुजार दे
प्यार ओर साथ तेरा
ख्वाहिश सबसे बड़ी
है मेरी
जानती हूँ मायने नहीं
तुम्हारे लिए
कहना मेरा
पर दिल तुमसे
आज सुनने की
ख्वाहिश रखता है —

                अनिता शर्मा✍️

विचारमाला

जीवन आपका है,
जीवन की व्यक्तिगत परिधी में,
विचारो ,सिद्धांतों आदर्शो ,मूल्यों और
भावनाओं में बाहरी और उन अपनों का
जिनका आपकी जीवन यात्रा में महत्वपूर्ण स्थान हैं,
कितनी जगह ,समय देना हैं ये निर्णय आपका अपना हो नाकि किसी और का…  
                   अनिता शर्मा ✍️
               

रिश्तें

रिश्तों को निभाने के लिए जब कुछ लोग
अपने मान – सम्मान  की परवाह ना करते हुए दूसरे का मान – सम्मान बना रहें यह कोशिश  करते रहते है,क्यों कि उन्हें रिश्तों की अहमियत  पता होती है।
दूसरे लोग उन्हें  बेवकूफ समझते है,मगर सच ये होता कि
वे हृदय से सब समझते है और वह अशान्ति व अनावश्यक  तनाव नहीं चाहते ताकि रिश्तों की मधुरता बनी रहें क्योंकि वे रिश्तों की अहमियत समझते है,अगर  वो समझदारी दिखाये तो रिश्ते बचेंगे नही।

उनके हृदय की संवेदनशीलता को उनकी कमजोरी मानने की भूल नहीं करनी चाहिए ।


                                  अनिता शर्मा ✍️

चेहरे

           चेहरे पर चेहरा लगाए
         असली रुप छुपाए देखे
         हर रंग का लिबास पहने
        गिरगिट सा रंग बदलते देखे
      अपने ही बनाए सच को झूठलाते
        हुनर के कलाकार देखे
         नाट्य  कला से
         सम्मोहित करते देखे
       वाह ज़िंदगी तेरी पाठशाला में
        सबक सिखाने के
       तेरे अंदाज नये देखे ।
                                 अनिता शर्मा ✍️

बेबी

नानी,दादी और माँ ने कभी
बोला नहीं मगर अपने पतियों
के छोटे-बड़े सभी कपडें धोने से ले खाने, सोने की व्यवस्था की जिम्मेदारिया एक बच्चें(बेबी) की देखभाल करने की तरह निभाई 😔😔 आधुनिक नारी पति को ‘बेबी’ बोलती है, मगर सच में बड़े होने का अहसास वो ही
अपने पतियों को करवा रही है।😌😌
        अनिता शर्मा✍️

विचारमाला

जहाँ लोभ और मोह के दरवाज़े बड़े ही मजबूत होते है,
वहाँ खुशियाँ और आवश्यकता की पूर्ति के रास्ते बड़े ही तगं सुराखों की गली से होकर गुजरते है।
                  अनिता शर्मा✍️

दर्द प्रीत का

मोती बिखरे हैं ये मेरे
सूरत तेरी इनमें कैसे समाई ……

चली हवा ये कैसी
दूर मुझें तुझसे कर गई ………..

छाई धूप गम की ये कैसी
आँखों के आँसू सुखा गई …….

पत्थर बना कैसे ये दिल
मोम सा प्यार जम गया …….

टूटा दिल ऐसा गाँठे लगी इतनी
अब कोई गाँठ लगती नहीं …….

दरक गया कैसे ये मन
अब तुझसे जुड़ता ही नहीं …….

कैसा शांत हैं यह सागर
हलचल तूफान सी जिसमे समाई……

शुरू हुआ कैसा ये तन्हा सफर
मंजिल का पता नहीं ………..
                                   अनिता शर्मा ✍

विचारमाला


हम दिल से प्यार उन्हें करते है,
जो हमारे दिल को  सबसे ज्यादा चोट देते है ।
हम उनकी सबसे अधिक परवाह
करते है जो हमारे प्रति
वेपरवाह होते है ।
हम उनके जीवन को खुशियों से भरते है जिन्हें हमारे दुख का अहसास भी नहीं होता ।
हम उनकी आँखों मैं आसूँ
नहीं देख सकते जिनकी वजह से हमारी ऑंखों में आसूँ हो ….
ये जिंदगी की कड़वी सच्चाई है
जिसे हम जानते हुए भी देखना ओर समझना
ही नहीं चाहते ताकि हम भम्र में ही सही जिंदगी जी तो सके ….
                           अनिता शर्मा✍️

विचारमाला

मेहनत से अर्जित रूपयों-पैसे का लेन-देन बहुत सोच समझकर किया जाता है ताकि हमें हानि ना उठानी पडे ,उसी प्रकार अपने समय,भावनाओं, विश्वास व प्रेम का समर्पण भी रिश्तों में मोह को परे रख, समझ कर किया जाए तो हम अपने आपको टूटने से बचा सकते है……
                           अनिता शर्मा ✍️

विचारमाला

अपेक्षाओं का भार किसी पर इतना भी मत डालो कि परिस्थितियों के प्रतिकूल
होने पर भी उन्हें पूर्ण करने का प्रयास करते हुए, उसका व्यक्तित्व  खंंड- खंड हो जाए ओर स्वयं आप ही उसे पहचान ना पाए।
                                                                       अनिता शर्मा✍️