घर आये कन्हैया [भजन]

माँ यशोदा है, बड़ी भाग्यशाली,
नंद बाबा, बड़े ही पुण्यात्मा ,
उनके आंगन, आनंद अति छायो,
उनके घर में , आये हैं कन्हैया ।

1 रक्षा करते हैं, जो सारे जग की ,
रक्षा करवाने,माँ यशोदा,पास आये,
माया से नाच नचाये, जो सारे जग को,
माया दिखलाने, माँ यशोदा घर आये,

माँ यशोदा हैं, बड़ी भाग्यशाली,
नंद बाबा, बड़े ही पुण्यात्मा,
उनके आंगन, आनंद अति छायो,
उनके घर में ,आये हैं कन्हैया ।

2 पालन कर्ता हैं, जो सारे जग के
पलने आये, माँ यशोदा की गोद में,
अन्नदाता है जो, सारे जग के,
माखन-मिश्री,माँ यशोदा से,खाने को आये,

माँ यशोदा हैं, बड़ी भाग्यशाली ,
नंद बाबा, बड़े ही पुण्यात्मा ,
उनके आंगन, आनंद अति छायो,
उनके घर में ,आये हैं कन्हैया ।

3 लीला रचियेता, अपनी लीला रचके
लीला दिखलाने माँ, यशोदा आंगन आये,
प्रेम का है, जो अथाह सागर,
प्रेम पाने, माँ यशोदा का आये,

माँ यशोदा हैं, बड़ी भाग्यशाली,
नंद बाबा, बड़े ही पुण्यात्मा ,
उनके आगंन,आनंद अति छायो,
उनके घर में , आये हैं कन्हैया ।
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अनिता शर्मा ✍

मायावी ससांर

मेरी ही
कामना से रचा
मुझमें  ही समाया
माया से बंधा
लुप्त ज्ञान
हर्ष-शोक से भ्रमित
भंग मोह
लुप्त संसार ।
                    अनिता शर्मा  🖊    

जय भारत माता

नमन करें हाँ, नमन करें ,
भारत माता को, नमन करें ,
माँ के मान की,रक्षा के लिए ,
सर्वस्व अपना, बलिदान करें ,
  नमन करें——–

इस पावन भूमि के, कष्टों को हरने,
स्वंम ईश्वर ने, अवतार लिए ।
नाश अधर्म,अन्याय का कर ,
संसार को सुंदर,जीवन जीने का,
है,अनमोल ज्ञान दिया ।
राम-कृष्ण ,बुद्ध ,गौतम,नानक जैसी,
दिव्य विभूतियों की,
दिव्य जननी को नमन करें ।

नमन करें —————
ज्ञान – कला, विज्ञान की है ,
अनमोल धरोहरों को संजोये ।
ज्ञानी – ध्यानी, श्रृषि मुनियों के,
ज्ञान के अमृत को प्रवाहित करती ।
वेद व्यास,शंकराचार्य,आर्यभट्टाचार्य विवेकानंद,
जैसी पुण्यात्माओं की,
  पूज्य जननी को नमन करें ।

नमन करें————-
भींगा आँचल माँ भारती का,  
आज भी है ,
वीरों के खून की, लाली से।
मातृभूमि की, रक्षा के लिए,
हँस कर सर्वस्व, बलिदान किया।
प्रताप,शिवाजी,लक्ष्मीबाई,भगतसिंह जैसे ,
महानायकों की,
महा जननी को नमन करें ।

नमन करें————–
विशाल हिमालय, आलिंगन माँ का,
गंगा-यमुना ममतामयी आँचल।
रंग-बिरंगे फूलों सी,
सांस्कृतिक विविधता को ,
गोद में माँ ने अपने, सजाया है।
दीपावली, ईद,क्रिसमस, लोहड़ी में,
सब बच्चों की खुशियों में हर्षाति,  सहृदयी जननी को, नमन करें।
नमन करें—————-

                   अनिता शर्मा ✍

विचारमाला



सहमति असहमति आपका अनुभव है,
नकारात्मक ऊर्जा जब अपनी घनी छाया ओर मजबूत जडों के साथ
जमी हो तो वो  धीरे- धीरे सकारात्मक ऊर्जा
को भी अवशोषित कर ही लेती है।
                           अनिता शर्मा 🖊

विचारमाला

प्रकृति ओर जिंदगी
दयालु हो देती अगिनत उपहार हमें
अवहेलना करने पर चेताती
बार-बार दे संकेत
ना समझी पर
धर क्रूर रूप
छीन सब उपहार
अपने ही तरीके से
भयावह रूप से समझाती।
            अनिता शर्मा 🖊

विचारमाला

किसी एक व्यक्ति की बात सुनकर दूसरे व्यक्ति को आत्मग्लानि महसूस करवाने से पूर्व एक बार कहने वाले के मानसिक स्तर और उसके जीवन में कथनी और करनी के स्तर का आत्मबोघ अवश्य कर ले , यह आपको ओर दूसरे व्यक्ति को अनावश्यक तनाव से बचा कर आपके जीवन को कई उलझनों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगा ।

अनिता शर्मा 🖊

विचारमाला

भावनात्मक रूप से हर इंसान का मानसिक स्तर भिन्न-भिन्न होता है, एक अनजाने में स्वयं से चीटी के मर जाने से ग्लानि से ग्रसित हो जाता है, ओर एक जानबूझकर किसी मनुष्य की हत्या कर भी दुखीं नहीं होता , हम फिर कैसे सभी मनुष्यों के भावनात्मक स्तर को एक तराजू पर तौल सकते है —–

अनिता शर्मा 🖊

सुविचार

जीवन जीने का एक
सुंदर सा फलसफा
उस इंसान को सबसे पहले
प्रेम ओर खुश रखने के बारे में सोचो
जिसे आप रोज़ आईने में देखते हो  …
स्वयं के पास अगर ये नहीं है
तो आप दूसरों को क्या देंगे  …
                                    अनिता शर्मा

हे ईश

ये सरलता
       निश्चिंता
        शांति
        प्रसन्नता
       निश्छल प्रेम
इस रूप में जो है समाया
हे ईश मेरे
सृष्टि के जन-जन में भर दो 🙏🏼
                                  अनिता शर्मा ✍

तकरार

मसलों की तकरार को ,
वक्त के फैसले पर सुपुर्द कर,
शिकायतों के पुलिंदे को
दिल- ए- जज्बात से रूखसत करते हैं,
इल्तिजा हैं, जीत मेहबूब हो तेरी
हम तो दिल हार,
वैसे ही सब हार बैठे हैं —
                          अनिता शर्मा ✍